गेहूं के बीजों का बीजोपचार कैसे करें
🌾 गेहूं में बीजोपचार कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
बीजोपचार का मतलब है— बोवाई से पहले बीज को दवा या जैविक घोल से उपचारित करना, ताकि बीज रोग और कीटों से बच सके और अंकुरण अच्छा हो।
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✅ 1. सबसे पहले बीज को साफ करें
टूटा हुआ, काला, सिकुड़ा हुआ बीज निकाल दें
मिट्टी-कचरा अलग कर दें
इससे दवा हर दाने पर अच्छे से लगता है।
✅ 2. फफूंदनाशक से बीजोपचार (Fungicide Treatment)
गेहूं में यह सबसे जरूरी है क्योंकि यह कर्णाल बंट, ढीला बंट, रस्ट, स्मट जैसे रोगों से बचाता है।
✔ अनुशंसित दवाएं (किसी एक का उपयोग करें):
दवा का नाम मात्रा
कार्बेन्डाजिम 50% WP 2–2.5 ग्राम/किलो बीज
थायोफेनेट मिथाइल 2 ग्राम/किलो बीज
टेबुकोनाजोल 2% DS 1 ग्राम/किलो बीज
ट्राइकोडर्मा (जैविक) 10 ग्राम/किलो बीज
तरीका:
1. एक साफ बाल्टी/टब में बीज डालें
2. दवा की निर्धारित मात्रा ऊपर से डालें
3. हाथों या किसी लकड़ी की पट्टी से अच्छी तरह मिलाएँ
4. हर दाने पर दवा की परत चढ़ जाए इतना मिलाएँ
5. बीज को छाया में हल्का सुखा लें
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✅ 3. कीटनाशक बीजोपचार (यदि दीमक/कीट समस्या हो)
दवा का नाम मात्रा
इमिडाक्लोप्रिड 600 FS 1 ml/किलो बीज
थायोमेथोक्साम 30 FS 1 ml/किलो बीज
क्लोरोपायरीफॉस 20 EC 4–5 ml/किलो बीज


✅ 4. जैविक बीजोपचार (Organic Seed Treatment)
अगर आप जैविक खेती करते हैं, तो रसायन की बजाय ये विकल्प उपयोग करें:
✔ जीवामृत
1 लीटर जीवामृत में 10–12 किलो बीज गीला करें
छाया में सुखाकर बोआई करें
✔ घनजीवामृत
5–10 ग्राम/किलो बीज बीज पर अच्छी तरह मलें
✔ नीमास्त्र
5% नीमास्त्र घोल में बीज को डुबोकर छांव में सुखाएं

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